घडी की सुइयाँ…

February 10, 2006

घडी की सुइयों से हमने दुश्मनी कर ली,
घडी की सुइयों से हमने दुश्मनी कर ली|
बहुत छनती थी अब तक, हमारी उनकी,
बडी गहरी थी यारी, हमारी उनकी|

अब तक तो हम और वो, सदा साथ रहे थे,
हम उनके वो हमारे, हमराज रहे थे

बडी छोटी सी तो हमने उनसे बात कही थी,
‘दो घडी ठहर जाओ’, बात इतनी ही कही थी|
नामुरादों ने बात हमारी अनसुनी कर दी
घडी की सुइयों से हमने दुश्मनी कर ली|

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